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“नहीं जी, ढूंढो साले को!” वो बोला, मैं चुप हुआ, शोषण के मसले पर सोच में डूब गया, न जाने कितनी होंगी बेचारी ऐसी जो बहकावे में आकर ऐसे कमीन बाबाओं के ...
बाहर बारिश झमाझम पड़ रही थी! पानी नालियां बनाये बह रहा था, छत से नीचे गिरता पानी, पतनाले से, बहुत दूर तक जा रहा था! यानि कि बारिश बहुत तेज थी! सहायक ...
“कमाल करते हो आप भी, आइये मेरे साथ”वो बोला, हम उसके साथ चल पड़े! वो अपने कक्ष में ले आया हमको, हम बैठे, उसने एक सहायक को बुलाया और चाय-नाश्ते क...
हुए थे तो उसके बाद हम अपने अपने बिस्तर पर ढेर होकर सो गए! कब आँख लगी, पता नहीं चला! आँख खुली सुबह! सर भारी भारी था, ये रात के खाने-पीने का असर था,...
ज़रूर!” मैंने कहा, और जब मैंने उस महिला की आपबीती और बाबा धनी राम का व्यवहार बताया तो उन्होंने बहुत गालियां दीं सभी को, उन डेरे वालों को! “वहाँ मत ...
“शर्मा जी, हमको यहाँ से आज ही निकलना होगा” मैंने कहा, “कहाँ? शहर?” उन्होंने पूछा, “नहीं” मैंने कहा, “फिर?” उन्होंने पूछा, “कैलाश बाबा के डेरे ...
अब हम उठे, “शर्मा जी इनको अपने फ़ोन नंबर दे दीजिये” मैंने कहा, तब उनका लड़का एक कॉपी ले आया, और शर्मा जी ने अपने नंबर लिख दिए उसमे, “अब चलते हैं म...
“नहीं जी” वे बोले, तभी माता जी ने चाय और डाल दी हमारे गिलासों में, मना नहीं कर पाये हम, तब तक चाय पड़ चुकी थी! सो पीने लगे! “आपको कैसे पता चला कि व...
चेहरा रुआंसा हो गया उनका, “एक साल हो गया?” मैंने पूछा, “हाँ जी” वे बुज़ुर्ग बोले, बुज़ुर्ग, वैसे वो बुज़ुर्ग नहीं थे, उनकी दशा ने उनको बुज़ुर्ग बना ...
हम यूँ ही बातें करते करते आखिर पहुँच गए गाँव! छोटा सा गाँव था ये, अधिक बड़ा नहीं था, हाँ काफी हरा-भरा था, गाँव के बाहर एक बड़ा सा तालाब भी था, वहीँ पा...
हमारी इसी विषय पर बातें होती गयीं और हमने खाना खा लिया, मदिरा भी समाप्त कर ली, इसके पश्चात हम सो गए! रात अच्छी और गहरी नींद आयी थी, सुबह थोड़ा देर से...
उसको बताया, उसने कक्ष के विषय में बताया, और हमे वहाँ लेकर चला, हम भी चले, और अपने कक्ष में आ गए, गोविन्द ने खान एके विषय में पूछा, तो मैंने हाँ कह...
“हाँ, वो आती है रोज यहाँ, लेकिन उसकी क्या मदद करें?” उन्होंने पूछा, “क्यों नहीं बताते कि उसकी बेटी कहाँ है?” मैंने कहा, “अब हमे क्या पता कहाँ है? ...
किसी का दर्द आड़े आ गया था! “गुरु जी?” शर्मा जी बोले, “हाँ?” मैंने कहा, “कुछ नहीं!” वे हंसके टाल गए! मैं समझ गया! और अब! वापिस हुआ बाबा धनी...
“कोई चालीस साल” वे बोलीं, “घर में और कौन कौन हैं?” मैंने पूछा, “एक छोटा लड़का है, उसके पिता हैं” वे बोली, ”अच्छा, आपने ढूँढा उसको?” मैंने पूछा, ...
