श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

रस्सी की ऐंठन खुली!गुब्बारे की फूंक सी निकली!थूक गटका!"हाँ, सुना है!" बोला वो,"उनके ही शिष्य हैं!" बोले बाबा लाल,अब आँखें, जो चौड़ी थीं, सामान्य हुईं!"...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

और तब वो समझी! रो रो के आँखें लाल कर लीं!कौन कहता है, कि मैं और आप, मैं वो चारु, या चारु और आप, या कोई अन्य, पराया होता है? कौन है पराया? कोई नहीं! बस...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

और उसके बाद, हम चले वापिस, श्री श्री श्री जी से आज्ञा लेकर!रास्ते भर, चिंहुकती रही चारु!मटक-मटक के चलती! इतराती हुई!उसको खुश देख, मन प्रसन्नता से भर ग...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

"बताओ तो सही?" बोली वो,"अगर तुम्हें, तुम्हारे पिता को ऐसी जगह मिले, जहां सारी व्यवस्था हो, तो कैसा रहेगा?" पूछा मैंने,अब मुझे देखे!गोल गोल आँखें बनाये...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

मैं चला गया स्नान करने,आया वापिस, तो मेरा सारा सामान करीने से रख दिया था उसने!"क्यों मेरी आदत बिगाड़ रही हो?" कहा मैंने,"वो कैसे?" बोली वो,"बाद में क्य...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

और बता दिया उसको सबकुछ!वो मुस्कुरा पड़ी! "वो चाहता था कि मैं मिलूं आपसे, मिल गयी, बस!" बोली वो,हंसा दिया उसने मुझे इस बात से! खुद भी हंस पड़ी!"आगे पढ़ाई ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

ऐसी हंसी की खनक ही अलग हुआ करती है! वही थी, वैसी ही!"पहन लो!" कहा मैंने,"पहनती हूँ!" मुस्कुराते हुए बोली,और चली उनको लेकर, गुसलखाने!आई वापिस! मैं तो द...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

शर्मा जी, चाय-नाश्ता लेने गए थे!"आ गयी नींद?" पूछा मैंने,एक ज़बरदस्त अंगड़ाई ली उसने!खजुराहो की मूर्ति समान!और तकिया गोद में रख, बैठ गयी!"हाँ! बहुत अच्छ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

"कितना पढ़ी हो?" पूछा मैंने,"नौ तक" बोली वो,"उसके बाद?" पूछा मैंने,"माँ गुजरी, पढ़ाई बंद" बोली वो,कैसी मज़बूरी! कोई पढ़ना चाहता है, तो पढ़ नहीं पाता!जिसके ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

एक मिनट, बिना पलकें मारे!दो मिनट, बिना पलकें मारे!फिर मैं उठा गया, लेकिन नज़रें उलझी रहीं उस से मेरी!आखिर में रहा न गया मुझसे!"क्या हुआ चारु?" पूछा मैं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

मैं बैठ गया वहाँ,अपने माल-संभाले, और रखे संभाल कर,थोड़ी देर में,चारु आ गयी बाहर, अब खिला था रूप उसका!मुस्कुराई, बाल पोंछे,और फिर मैं चला अंदर, स्नान कर...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

उसका हाथ छुड़ाया मैंने, किया एक तरफ,और औघड़ की दाढ़ी पकड़ी, और फेंक मारा पीछे!वो चिल्लाया! मैंने पहुंचा उसके पास, और दी एक लात!बोलती बंद! दूसरे भी देख तो ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

"किसी की नहीं" बोली वो,"तो यहां कैसे?" पूछा मैंने,"सहायिका के तौर पर" बोली वो,"अच्छा!" मैंने कहा,और उसके गले में पड़ा एक श्वेत-माल देखा,ऐसा एक साधक, अप...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

"जब ये ज़ुबान खींच ली जायेगी बाहर, तब जानेगा तू!" बोला वो,"शर्मा जी, मेरा त्रिशूल लाओ, इसकी हगनी से इसकी ज़ुबान बाहर निकालूँ मैं!" कहा मैंने,वो अब पीछे ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ असम की एक घटना

"सही किया आपने!" बोले शर्मा जी!"बहन का **! श्री श्री श्री जी को बोलता है?" बोला मैं,"हाँ! बे-औक़ात!" बोले वो,"इसका तो साले का कुछ करना ही पड़ेगा!" मैंने...

2 years ago
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