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अब शर्मा जी ने कागज़ पर जगह का नाम लिख लिया, नाम भी ऐसा था कि हिंदी में कुछ और बंगाली में बोलो तो कुछ और! “चलो, यहीं चलते हैं” मैंने कहा, अब खड़े हो...
कारिंदे का, लेकिन कारिंदा उस अमुक के बारे में बताता तो है, लेकिन उसके पास आसपास की निशानियाँ ही होती हैं, और उसमे मेहनत भी बहुत लग जाती है, यहाँ तीन क...
“यहाँ तो ऐसा कोई नहीं है” उसने कहा, दिल चटका अब! “कहाँ से आया है?” उसने पूछा, “गोरखपुर से” मैंने कहा, उसने ज़ोर लगाया, “गोरखपुर से तो एक आया ...
और अंदर गया! फिर से वो लड़की आयी और पानी ले आयी, हमने पानी पिया! “हमे देख के क्यों भाग गयी थी?” जीवेश ने पूछा, वो हंसी तो ज़रूर लेकिन कुछ कहा नहीं...
मैंने एक औरत से उस जोगन शोमा के बारे में पूछा, उसने नहीं पहचाना उसको, उन्स एऔर किसी से पूछने को कह दिया, तभी सामने से एक और औरत आ रही थी, उस औरत से पू...
“अभी करता हूँ, आप भी चलो साथ?” उसने कहा, सलाह तो अच्छी थी! “चलो” मैंने कहा, और हम खड़े हुए! चले उसके साथ! वे बाबा चौरंग नाथ थे जिनका ये डेरा ...
“एक साल हुआ न?” उसने पूछा, “हाँ” एक साल” मैंने कहा, “उस बंगाली बाबा का नाम सुमेश है?” उसने पूछा, “हाँ” मैंने कहा, “ठीक है” वो बोला, “अब आप क...
हम रात को कोलकाता पहुँच गए! वहाँ मैं अपने एक जानकार के पास गया! हम तीनों वहीँ ठहरे उस रात, यहाँ मेरे जानकार भी बहुत अच्छे और समझदार थे! यहाँ रात काट...
उसके कमरे में आये, उसने सहायक को सामान-सट्टा लाने को कहा और फिर बैठ गया हमारे साथ! “मालदा में मेरे जो जानकार हैं, वे अक्सर यहीं आते हैं, वहीँ चलना...
“जिला मालदा” मैंने कहा, “अच्छा! तो यहाँ छिपा बैठा है वो!” वो बोला. “हाँ” मैंने कहा, “तो साले को पकड़ लो?” उसने कहा, “यही सोच रहा हौं” मैंने कहा...
अब मैं खड़ा हुआ! स्थान को नमन किया! और बाहर आया! फिर से हाथ-मुंह धोये और वहाँ से निकल पड़ा! अपने कक्ष के लिए! कक्ष में पहुंचा! शर्मा जी खड़े हु...
“अब मैं चलता हूँ, मिलता हूँ बाद में, किशन आकर भोग दे जाएगा!” वो बोला और चला गया! अब मैंने जूते उतारे अपने, साथ ही नल था, हाथ-मुंह धोये और कुल्ला किय...
“चलो अच्छा हुआ!” मैंने कहा, “आइये, खाना खाते हैं” वो बोला, “चलो” मैंने कहा, उसने कमरा खोला और सहायक को आवज़ देकर बुलाया और खाना लगाने को कह दिया,...
“नहीं होनी चाहिए वैसे तो” शर्मा जी बाहर देखते हुए बोले, “आओ घुमा लाऊं?” जीवेश ने पूछा, “कहाँ जा रहे हो?” मैंने पूछा, “शहर” वो बोला, “आप ही चले...
“ज़िंदा ही होगा साला! ऐसे लोगों को मौत नहीं आती!” वे बोले, अब मैं बैठ गया टांगें ऊपर करके बिस्तर पर! बाहर देखने लगा, बारिश! उस दिन जम कर बारि...
