श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: May 5, 2026
Topics: 245 / Replies: 9254
Reply
RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

उसी शाम मैं गया रिपुना के पास, और उसको सबकुछ बताया, समझाया, ये ही कि अब न तो अफ़सोस मनाने का ही समय है और न ही किसी मध्यम-मार्ग को ढूंढने का! बस, वो कल...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

मैं आगे तक गया, अलख तक, प्रणाम किया और अपना अंतःवस्त्र पहन लिया, उस साधिका के भी वस्त्र उठा लिए, तब तक साधिका, उठ कर, मेरे पास आ चुकी थी! मैंने उसको उ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

फ़ोन कटा और रख दिया मैंने! शर्मा जी भी आ गए थे बाहर गुसलखाने से!"किसका फ़ोन था?'' पूछा उन्होंने,"उसी, नेतू का!" कहा मैंने,"क्या बक रहा था?' पूछा उन्होंन...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

मैं पल भर को नहीं, पूर्णतया विस्मित था, ये क्रिया, ये समय, ये दशा और ये सब? इसके बाद भी कोई ऐसा प्रश्न था क्या? और ये मुक्ति? मुक्ति से क्या अर्थ? बिन...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

वापसी में, रिपुना को उसकी जगह छोड़ा, खूब समझाना पड़ा उसे! उसके दिमाग की सुइयां बार बार एक ही जगह आ कर जाम हो जाती थीं, तो गरारियों में ज़रा सी जुम्बिश की...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

मैं एकादश पर पहुंचा और हैरत हुई मुझे! मैं उसके स्खलन की प्रतीक्षा में था, उसे अभी तक स्खलित हो जाना चाहिए थे! परन्तु नहीं! अब क्या किया जाए? जितना जान...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

"मुझे नहीं पता!" बोली वो,"क्या बात है? आज तुनकमिजाजी ज़्यादा है कुछ?" कहा मैंने,"आपसे मतलब?" बोली वो,"अरे? फिर किस से मतलब?" पूछा मैंने,''आप करो ऐश!" ब...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

"कोई आया?" पूछा मैंने,"नहीं नाथ!" बोली वो,"क्या महसूस कर रही हो?" पूछा मैंने,"यहां शान्ति है बहुत!" बोली वो,"हाँ!" कहा मैंने,"परन्तु?" बोली वो,"क्या?"...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

एक जगह आई! वहां रुक गया बिसन! यहां एकांत था, और शान्ति भी थी! यहां पूजन होता था, ये भी पता चलता था! धूनी रमाई जाती थी, ये भी पता चलता था! कुल मिलाकर, ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

कूप-मण्डिका, ये एक प्रभावी महाशक्ति है तन्त्र-जगत में! श्लोमा नाम से जानी जाती है! रूप में कामुक-मादक, व स्व-नित्र रूप धरा करती है, अर्थात, जिस रूप मे...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

कुछ देर रुके रहे हम, सोचा शायद कोई और भी आ रहा होगा, जो मदद कर रहा हो!"कोई आ रहा है क्या?'' पूछा मैंने,"हाँ जी!" बोला वो,"कौन भला?" पूछा मैंने,"गाड़ी!"...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

तो हम जगह बनाते हुए डेरे में गए! आज बड़ी ही भीड़ सी थी यहां भी! न जाने क्या उपलक्ष्य था, और यदि होता तो शायद, बलदेव हमें बताता तो ज़रूर! कुछ लोग साजो-साम...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

"चल जा! अभी तेरा वक़्त नहीं!" कहा मैंने,"न! रे!" बोली वो,"ना! जा!" कहा मैंने,"न न रे!" कहा उसने,"सुन, अभी जा, फिर सही!" कहा मैंने,"वचन?" बोली वो,"हाँ!"...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल के एक स्थान की घटना!

भोजन भी कर लिया! भोजन बड़ा ही स्वादिष्ट था! दाल-भात, सब्जी, अचार, दही और सलाद! यूँ समझिए कि जम कर खाया हमने! घर जैसा ही स्वाद लगा! डेरे की महिलाओं ने ह...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१३ त्रैरात्रिक-वधु!!

"साधिके?'' कहा मैंने,"जी, नाथ?" बोली वो,"कूप में जाना होगा!" बोला मैं,"जी!" कहा उसने,"उद्देश्य ज्ञात है?'' पूछा मैंने,"जी!" बोली वो,"मदिरा परोसो!" कहा...

2 years ago
Page 537 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top