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रुपए बनती थी, मेरे पति को अदा नहीं की थी, यही नहीं वो ज़मीन जो इन दोनों ने मिल के खरीदी थी वो ज़मीन भी मेरे पति के रिश्तेदार ने जाली हस्ताक्षरों द्वार...
"सतिंदर यादव को जानता था तू?" ये सुनके दिनेश थर-थर कांपने लगा! "बोल?????????जानता था?" वो गुर्रा के बोली, " हाँ, हाँ..................जानता........
उसने कोई जवाब नहीं दिया, चुप बैठी रही, मैं ने एक और झापड़ दिया, अब वो बोली, "पहले मारना तो बंदकर, तब बताउंगी" मैंने छोड़ दिया, अब भी वो चुप ही बैठी...
कि दिनेश और शर्मा जी मेरे साथ उनकी पत्नी के कमरे में चलें, और कोई भी न हो, उन्हों ने ऐसा ही किया, अब कमरे में उनकी पत्नी अकेले ही लेती हुई थीं, सर पे ...
से निकाली और और मै गाडी मैबैठ गया, शर्मा जी बोले, " दिनेश कह रहा था, की जैसे ही उनकी पत्नी को छुट्टी मिलती है वो फ़ोन पे इत्तला दे देंगे" "ठीक है, ...
हम उसके बताये हुए रास्ते पर चल पड़े, बेहद भीड़ वाला इलाका था वो, किसी तरह से हम उस नर्सिंग होम के पास पहुंचे,गाडी पार्क की और बाहर आ गए, और नर्सिंग हो...
शर्मा जी ने जवाब दिया, "पुलिस में इंस्पेक्टर हैं, नाम दिनेश है, रहने वाले तो रोहतक के हैं, लेकिन उनकी पोस्टिंग यहीं हुई है, उनको यहाँ कोई २ साल हो गए ...
उसने अपने पिता को फोन किया जब वो आये तो उनकी पत्नी बेहोश पड़ी मिलीं, उन्होंने फ़ौरन अपनी गाडी से अपनी पत्नी को वहां के एक हॉस्पिटल में पहुंचाया, रात भ...
अब सिलाइच साहब अंदर गए, ज़रा परेशानी तो हुई उन्हें, लेकिन चले गए अंदर, मदन बाहर आ गया था, अब मैंने भी अंदर जाने की सोची, कम से कम देखूं तो सही? कि अंदर...
वो उजाला, वहाँ से करीब दस फ़ीट दूर था, लगता था जैसे कि बाहर जाने का कोई रास्ता है, लेकिन अगर रास्ता था ही तो, सिलाइच साहब को बताना चाहिए था, और फिर मदन...
"आराम से!" बोले सिलाइच साहब,हर क़दम फूंक फूंक के रखा जा रहा था, कोई चूक न हो जाए कहीं, इसीलिए! पता नहीं आगे था क्या? कोई बाबा हैं भी या नहीं! हाँ, अब व...
दस-पंद्रह मिनट तो नहीं, करीब आधा घंटा लगा गया, और बारिश हो गयी बंद! अब आकाश ऐसा था, जैसे कि कुछ हुआ ही नही! लेकिन ज़मीन पर उसके निशान चस्पा हो गए थे! म...
तो हम अब उस पठार पर चढ़ चुके थे! मिट्टी नरम थी, पाँव मुश्किल से ही जमते थे! कभी-कभार तो पीछे को धकिया देती मिट्टी हमें! भुरभुरी मिट्टी थी वो, इसीलिए! ब...
तो हम आगे बढ़ लिए थे, अब हमारे सामने लक्ष्य था वो, वो पहाड़ी, जिसका शिखर एक ऊँट के कूबड़ सा दीखता था! पहाड़ी पर, खूब जंगली पेड़ लगे थे! तो हम उसी के लिए आग...
