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महा-शमशानी का नृत्य जारी था, मैंने उसको उसका भोग देकर वापिस कर दिया! धेरैके अन्दर, महा-शमशानी के जाते ही, दोनों के नर-मुंड फिर से बोलने लगे! "मुझे ...
उसके सेवकों ने वो बक्सा खोला! उसमे सोना-चांदी अटा पड़ा था! मैंने दिक्शूल-मंत्र पढ़ा और एक चुटकी मिटटी वहाँ कराल की तरफ फेंक दी! वहाँ बक्से में सोने...
साथ टूट पड़े! वो बिना अपने पाँव चलाये ही पीछे हो गया कोई ५ फीट! फिर हंसा! बहुत तेज! उसने अपनी तलवार निकाली! और उसको म्यान से बाहर किया! तलवार अभी भी र...
"तो आज से नहीं रहेंगे उमेद, आज तू भी मारा जाएगा हमेशा के लिए!" मैंने कहा और मै बैठ गया! "तू हाडू के डैरेसे है? के रानिया के? वो ही हैं हमारे दुश्मन...
किया और बाहर निकाला! उसने अपना खंजर लहराया और मैंने भी! अब वो चिल्लाता हुआ भागा हमारी तरफ! लेकिन जैसे ही महा-भंजन मंत्र से खचितरेखा तक आया और टकराया उ...
बंजारों की इन भीषण शक्तियों से लड़ने के लिए सदैव हाथी-दांत की मूठ वाले खंजर को अपने पास रखा जाता है, और एक दुधारी त्रियक-तलवार को, मैं ऐसी वस्तुएं अपन...
उनकी आँखों के मैंने आंसू पोंछे! और कहा, " हमारा आना यहाँ नियत थे, हम आ गए! अब देखो मै इस कराल और उमेद का क्या करता हूँ!" "इनको आज़ाद करदो, गुरु जी,...
"मेरी जुड़वां औलाद काट दी उमेद ने" उसने रोते हुए कहा, मुझे अफसोस हुआ बहुत! मैंने फिर छिन्दरी से कहा, "छिन्दरी, यहाँ आते ही वाजिद का कारिन्दा भागा, ...
"उमेद लाया तुमको यहाँ?" मैंने पूछा, "हाँ, सरदार लाया, ढाई सौ आये, बाकी मर गए, हम १३५ हैं, कराल बाबा ने कटवा दिए!" उसने बताया, वहाँ खड़े बेचारे स...
वो फिर ठहाके लगा के हंसी! उसने अपने हाथ में पहनी चूड़ियाँ एक दूसरे से टकरायीं! टकराते ही वहाँ काफी प्रेतात्माएं प्रकट हो गयीं! छोटे बालक, बालिकाएं, अध...
करते हम ८ सीढियां पार कर गए! नीचे देखा तो जहां सीढियां खतम होती थीं, वहाँ एक कोटरथी, झाड-झंखाड़ से भरी हुई! नीचे अँधेरा होने लगा था, सो हम वापिस ऊपर आ...
था, या तोये पत्थर कहीं और से लाया गया था, या फिर या फिर यहीं गढ़ा गया! पत्थर परिमाप में ढाई गुणा ढाई के अनुपात में था! मैंने फिरोज़ को बुलाया, और वो प...
मै खड़ा हुआ! मैंने अपना कारिन्दा प्रकट किया, कारिन्दा हाज़िर हुआ! मैंने उसको अपना सवाल बताया! लेकिन वो वहाँ से हिला नहीं! मै भी चकित था! इससे पहले कि ...
फिर मैंने ही फ़िरोज़ से पूछा, "फ़िरोज़ भाई, एक बात बताओ, वो जगह है कहाँ?" फ़िरोज़ने इशारा किया और उठ के खिड़की से बाहर झाँक कर इशारा किया, मैंने वह...
"तो वाजद साहब, ये मालूम ना पड़ सका की वहाँ माजरा क्या है? आइने पूछा, "हाँ जी, ना पड़ सका!"" वो बोले, "घर जाके ना मालूम करी आपने?" मैंने पूछा, ...
