श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २००९ दिल्ली की एक घटना

से खड़ा हुआ! और जैसे ही खेत में मैंने पाँव रखा, वहाँ मुझे एक सिहरन सी हुई! एक भय! एक अनजान सा डर! मैंने पाँव पीछे हटा लिया! मैंने अभय-मंत्र पढ़ा! और...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ दिल्ली की एक घटना

"करीब तीन मीटर का तो होगा ही!" वो बोला, "ठीक है, देखते हैं!" मैंने कहा, फिर उसके बाद मैंने उसको भेज दिया और अगले दिन वहाँ जाने का कार्यक्रम बना लि...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ दिल्ली की एक घटना

की सीमा को न लांघ सका! वो उठता, फुकारता और फिर वही रह जाता! अब सांप फिर से कुंडली मार के बैठ गया! शांत! बाबा उठा और बोला, "आ जाओ पवन और रमेश! काम हो...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ दिल्ली की एक घटना

अक्सर वहाँ भी गया! उस पत्थर को भी देखा! उसने फिर पवन को बुलाया, पवन डर डर के आगे आया, दयाल बोला," यहाँ तो है कोई बड़ी ताक़त, पक्का !" ये सुन पवन ड...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ दिल्ली की एक घटना

ओझा संयत हुआ तो ओझा ने बताया कि यहाँ तो बहुत बड़ी ताक़त है! उसके बस में नहीं है कुछ भी! वो जानता है एक आदमी को जो ये काम कर देगा! उसने रमेश और पवन को ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ दिल्ली की एक घटना

मजदूर डर के मारे काम पर ना जाएँ! काम ही छोड़ दिया कई मजदूरों ने तो! पवन की समस्या उफान पर थी! सब्जियां खेतों में पाक रही थीं लेकिन मजदूर नहीं मिल रहे ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ दिल्ली की एक घटना

तब दोनों सपेरे वापिस लौटे! अपनी पोटली में से एक टोकरी निकाली, टोकरी खोली तो उसमे से निकाला नेवला! सांप को घायल करके पकड़ना चाहते थे वो! नेवला फुदक के ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ दिल्ली की एक घटना

एक दिन बीता, काम ख़तम हो गया! साफ-सफाई हो गयी थी, ज़मीन खेती लायक हो गयी थी! अब उसमे पानी डाला गया! लेकिन बीच में एक बड़ा सा पत्थर आ गया था, पुराना सा...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ दिल्ली की एक घटना

करीब १० मिनट तक वो उसको मारते रहे! सांप मर गया! लेकिन कमाल और हैरत की बात ये थी कि सांप की एक भी बूंद रक्त की दिखी नहीं थी! हाँ उसकी आँखें भी खुली हुई...

2 years ago
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RE: वर्ष २००७ रोहतासगढ़ सासाराम बिहार

आधे घंटे के बाद आया और बताया कि वहाँ ऐसा कोई भी नहीं! मैंने इबु-खबीस को उसका भोग देकर वापिस भेज दिया! उनका क्या हुआ? इस प्रश्न का उत्तर अत्यंत गूढ़ ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००७ रोहतासगढ़ सासाराम बिहार

"ठीक है गुरु जी, इनको भी मुक्त कीजिये आप" वे बोले, "हाँ, मै करूँगा मुक्त इन्हें, करता हूँ पूरा यत्न!" मैंने कहा, उसके बाद मैंने एक और क्रिया की, इसक...

2 years ago
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RE: वर्ष २००७ रोहतासगढ़ सासाराम बिहार

फिर मुसीबत जस की तस! अब क्या किया जाए। तभी एक युक्ति आई दिमाग में! इस से काम बन जाएगा! मैंने शाह साहब भिश्ती वाले के पास अर्जी लगाई! काजल लिया और अप...

2 years ago
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RE: वर्ष २००७ रोहतासगढ़ सासाराम बिहार

अब तो और रहस्य उलझ गया था! किला बंद होने का सरकारी समय भी होने वाला था, मै उलझ गया था अब बुरी तरह! मैंने निर्णय किया कि अब कल फिर आया जाए यहाँ, मैंन...

2 years ago
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RE: वर्ष २००७ रोहतासगढ़ सासाराम बिहार

लगे! फिर मैंने मंदिर को देखा, मंदिर के पीछे कुछ और भी दिखाई दिया मुझे, एक धूल-धामृत इमारत! अब केवल बुनियाद के पत्थर ही दिखाई दे रहे थे वहाँ! तभी मुझे ...

2 years ago
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