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भूमध्य-सागर ही था! पहला शब्द अरबी भाषा का था और दूसरा तुर्किश, प्राचीन तुर्किश भाषा का! अब तो उसका दिमाग घूम गया! चेहरे पर पसीने आ गए! उसने रुमाल से...
बस! इतने के बाद तन्वी की नींद फिर टूट गयी! बेहद गुसा आया उसको! फिर इत्मीनान भी हुआ कि रात भी बाकी है अभी! उसने घडी देखी तो पौने आठ हो चुके थे! तन्वी...
अब कि उसको नींद तो आई, लेकिन सपना नहीं आया! सुबह उठी तो सपना उसे ऐसे याद था जैसे अभी अभी ही वो घटना घटी हो! अगले कुछ दिन तन्वी के ऐसे ही चिंता और ...
थीं! बड़ी बड़ी जूतियाँ, आम आदमी की जूतियों से बड़ी जूतियाँ! जूतियों पे चमकदार गोटा लगा हुआ था! बस इतना ही देखा और तन्वी की आँख खुल गयी! ये बड़ी अजीब स...
मैंने हाथ जोड़े और सर झुका कर नमन किया! उसके होठों पर मुस्कराहट आई! मेरा शय आस्था में परिवर्तित हो गया! समय स्थिर हो गया! मैंने बड़े विनम भाव से कह...
अब मैंजे रात्रि समय क्रिया आरसभ की, कोई ४ घंटे के बाद प्रलापी प्रकट हुई! फिर कौंदागिनी और फिर सर्प-सुन्दरी की सहोदरी रूपमाला! अब मैंने मांस वाला थाल उ...
"शर्मा जी, लगता हैं सांप कहीं निकल गया है, और कहीं, अब यहाँ नहीं हैं" मैंने बताया, "ओह! अब? अब गया करेंगे?" वो बोले, "अब देखते हैं क्या किया जा ...
"मुझे भय सा लग रहा हैं" वो बोले, "कैसा भया" मैंने पूछा, "उनका भय, कहीं क्रोधित तो नहीं हो गए?" तो बोले, "नहीं साहब, ऐसा नहीं है" मैंने बताया,...
अंजन एक डिब्बी में भार के रखा लिया! मैं उठा, स्नान किया और फिर से कीर्णन-क्रिया में बैठ गया! ३घंटे बैठे रहने के पश्चात अब मैंने क्रिया पूर्ण कर ली थी!...
और आगे भी कोई नहीं बढ़ रहा था!! थोडा समय और बीता फिर साप तालाब में बढ़ता चला गया, तैरने लगा और फिर तालाब के मध्य जाकर फिर से गायब हो गया! एक बात और...
शुरू किया, जब मैं काफी दूर एक दूसरे खेत में चला गया तो सांप तहाँ आया और बार बार मुझे दूर से देखते हुए दूध पीता रहा! दूध पीने के बाद सांप अबकी बार वहाँ...
उसके बाद हमने खान खाया, मैं एक अलग जगह जाना चाहता था, कुछ मंत्र जागृत करने थे, अतः मैं शर्मा जी को लेके बाहर चला गया, घर से बाहर, खेतों की तरफ, वहीं ज...
उस रात बस हम उस सांप की बातें ही करते रहे! उसके पांच फन और उसकी दस जीरों और आँखें! एक दम निराला था सब कुछ! और फिर वो पानी में जाके गायब हो गया था! शर्...
फिर हमको एक झाड़ी के पीछे खड़े होने को कह दिया! और स्वयं वहीं खड़े रहे! हम झाडी के पीछे खड़े हो गए! सांप किसी भी पल वहाँ आ सकता था. अत: बेसब्री ...
