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और अब मुक्त कर दिया गया,मित्रगण!बाबा शेखर,और शर्मा जी, इनसे मेरी बातें हुईं,शर्मा जी से बातें हुईं कि,वे घबराएं नहीं!जब तक श्री श्री श्री जी हमारे साथ...
उस समय से,मैंने मौन-व्रत धारण कर लिया!ये मुझे अब कल तक रखना था,सूर्यास्त तक!उसके पश्चात ही,मैं वार्तालाप कर सकता था!उस रात क्रिया-स्थल में ही शयन किया...
ये अत्यंत गूढ़ जानकारी थी!मैंने कुल सात प्रकार के यंत्रों का निर्माण किया,इसके बाद,उन्होंने जांचा उन्हें,कुछ में संशोधन किया,और फिर दुबारा से मुझे,भूमि...
एक सुनहरे उलूक की आवश्यकता थी,और ये कार्य किया बाबा शेखर ने,उन्होंने एक नर उलूक पकड़ लिया,और मेरे यहाँ ले आये,उस उलूक को को अब,एक स्थान में रख कर,उसको ...
स्वयं चल कर आया था!जिस जगह वो आया था, वो,जगह भी अत्यंत प्रभावी थी!यहां, उस बाबा जागड़ के कोई जानकार थे!भयानक और खतरनाक!नरबलि को तैयार!ऐसे औघड़ लोग!जागड़ ...
ये बाबा जागड़,ज्वाल-विद्या का परम ज्ञाता था!उसके बारे में यहां तो कोई जानता ही नहीं था,हाँ, असम और नेपाल में उसके क़िस्से,अघोर जगत में बिखरे पड़े थे!इस ब...
अन्यथा वो अवसर मिलते ही,वार करता और फिर द्वन्द तो ख़त्म ही,सब कुछ ख़त्म!श्री श्री श्री महाबल नाथ ने मुझे चेता दिया था,अब, मुझे उन्ही के मार्गदर्शन में, ...
और बाबा जागड़ के समक्ष,असंख्य टुकड़े जा पड़े!ये चेतावनी थी!अब उसने उत्तर देना था!नहीं दिया उस दिन!रात्रि एक बजे तक भी नहीं!और फिर,तीन दिन और बीत गए!कोई उ...
मैं बाबा शेखर को लेकर,श्री श्री श्री महाबल नाथ जी के पास आया,उनको मालूम तो था ही,तो उन्होंने एक सलाह दी,कि उस बाबा जागड़ को उसके स्थान से ही चुनौती दी ...
मैं भी सो गया!नींद खुली कोई पांच बजे!गाड़ी तभी पहुंची थी,लगता था, रात को,गाड़ी ने बहुत लम्बा विश्राम किया था कहीं!खैर,पहुंचे वहां!और अब ली गाड़ी अपने स्थ...
वही था वहां,और कुछ छोटे छोटे झींगे थे,साले बाहर तक बास मार रहे थे!मैंने तो मछली ही ली!टुकड़ा ऐसा,कि एक बार में ही खत्म हो जाए!कागज़ में रख कर,ऊपर से चटन...
कमांडर लिखा था उन पर!चलो आज कमांडर ही बन जाएँ!अब मैंने ली,तो और भी संगी-साथी आ गए,वहां औरत बैठी थी एक,उसी ने दीं वो बोतलें!बैठने की जगह भी थी वहां,लेक...
अब किया आराम यहां!और आज ही निकलना था वहाँ से! अब हुई शाम,और आज नहीं लगी हुड़क!अब तो बस यही था कि यहां से निकलें बस!किसी तरह,बारिश में भीगते-भागते,हम ...
गड्ढे बना दिए!हमारे साथी,सभी चौंक पड़े!वो जो बाबा था, जो अभी तक आदेश दे रहा था,साला दूर पड़ा कराह रहा था!वो बीस के बीस,धूल चाट रहे थे!अब मैं मुड़ा पीछे!औ...
"कुछ नहीं!" मैंने कहा,वो हंसा!बहुत तेज!अपने सांप को पुचकारा,और सामने थूक दिया!"चल निकल जा यहां से!" वो बोला,अब उसके आदमियों में आया जोश!कम से कम बीस थ...
