श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

और बताया उन्हें सबकुछ। वे एक तरफ तो भयभीत हए, लेकिन एक तरफ संतुष्ट भी, कि बाबा लोगों को दिखा दिया था सामर्थ्य! मैंने उस कमरे की तरफ देखा, तो वहां से, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

और हम आगे चले आगे चले तो एक पेड़ दिखा, बड़ा सा, ये वैवन का पेड़ था, चौड़ी पत्तिया वाला! और भी कई पेड़ थे वहाँ, आपस में सटे हए! जैसे ही उसके नीचे से...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

रुके, "क्यों?" बोले नेव्रत! "ये, ये स्थान है किसी साधक का!" मैंने कहा, "साधक का?" पूछा बाबा शैशव ने, "हाँ, किसी महाप्रबल साधक का!" कहा मैंने, "कैसे पत...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

और तभी! तभी वे इक्कीस दीये एक साथ बझ गए! भूमि में छिपाए हुए सामग्री के अवयव, सभी दहक उठे। मुझे बड़ी ही प्रसन्नता हुई। लगा, मेरा मन-माफ़िक़ काम हो गया!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

आग जला ली थी, बैठे थे उसके पास ही, मुझे ये विचार अच्छा लगा, मैं और शर्मा जी, पास में ही से, कुछ लकड़ियाँ ले आये, कुछ फूस और सूखी हुई घास, और थोड़ी पास...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

चुका था, पलकें सफेद हो चली थीं उसकी, खाल लटक रही थी, आँखों में मोतिया भी आ चुका था, वो बैठा हुआ था वहाँ! मैं आया उसके पास, उसने मुंह उठकर, देखा मुझे, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

जैसे ही खोले, मेरे सामने वो ही मंदिर था! मैं गया वहाँ तक, मंदिर, करीब सात फीट ऊंचा होगा, अंदर कोई मूर्ति नहीं थी, बस पत्थर पड़े थे, गोल गोल, नदी के ही...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

ऐसे क्यों? कारण जानना ही होगा! 'एक मिनट शर्मा जी!" कहा मैंने, मैं खड़ा हुआ, गया एक जगह, और अब दुहित्र मंत्र पढ़ा, नेत्र पोषित किये, और खोले नेत्र! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

बोला, तो इस बार मुंह से बात नहीं करनी!" कहा मैंने, मुस्कुरा पड़ी वो! तभी चाय लेकर, सहायक आ गया, चाय दे गया दो कप, "चाय बोली थी क्या?" पूछा मैंने, "हाँ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

और आ गयी पंचमी! मैं बैठा था शर्मा जी के साथ कमरे में, "आज आएगी वो?" बोले वो, "बाबा ने तो कहा था!" कहा मैंने, "देखते हैं,आ जाए तो ठीक, नहीं तो फिर महीन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

कोई नहीं संसार में! वे भी नहीं? कोई गान्धर्व भी नहीं, कोई सखी, सहचरी, वो भी नहीं? ऐसा कैसे सम्भव है। "ठहरो कन्न्या?" बोले बाबा शैशव अब! नहीं सुना, और ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

कोई देखे, तो बस, वहीं का हो कर रहा जाए! ऐसा दृश्य था! फिर सफेद प्रकाश फूटा! और प्रकाश से घिरी हुई वो कन्या, नीचे उतरने लगी! पानी में, रंग ही रंग! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

ही चाय पी थी, "ये नेपाल क्यों बुला रहा था?" पूछा शर्मा जी ने! "इसकी नीयत सही नहीं लगी मुझे" कहा मैंने, "देख कैसे रहा था!" बोली काम्या! "तुम्हारे बारे ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

दिन पड़ा था काटने को, क्या किया जाए? चलिए विंध्य-वासिनि ही चला जाए! दर्शन भी हो जाएंगे और समय भी कट जाएगा, भोजन भी वहीं कहीं कर ही लेंगे! मेरा प्रस्ता...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ विंध्याचल की एक घटना

निकल जाते हैं वापिस, आते हैं पूनम को?" कहा मैंने, "हाँ, ठीक" बोले वो, "ठीक है बाबा!" कहा मैंने, "और तैयारियां कर लेना!" बोले वो, "ठीक है बाबा!" कहा मै...

2 years ago
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