श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

अब कुरता पहना था! ये ठीक था! “मुझ पर अच्छी नहीं लग रही थी वो?” उसने पूछा, “नहीं, अच्छी नहीं लग रही थी” मैंने कहा, अब मैं क्या बताता उसको! “क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

लम्बी लम्बी उंगलिया, और गोर गोरे हाथ! प्राकृतिक रंग नाखूनों का, चमकते हुए नाखून, लम्बे लम्बे! बहुत सुंदर मुद्रा बनती थी! मैं बैठा, “मुझे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

और खींच लिया उसे अपने पास! सट गयी! मैंने लपेट लिया बाजुओं में उसे! उसके बदन की छुअन बहुत, बहुत खतरनाक थी! मैं संयत हुआ! आँखें बंद कर लीं! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

हम यहाँ पहुंचे! और मैं मिला सभी से वहाँ! एस्टेला मेरा हाथ थामे मेरे साथ ही साथ थी! हमने खाना खाया और फिर थोड़ी बहुत मदिरा भी पी! और फिर हम वापि...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

दोपहर बाद का समय था! भोजन कर ही लिया था हमने, मैं एस्टेला के साथ बैठा था कमरे में उसके! उसके घर परिवार की बातें हो रही थीं, मैंने उसका भय कुछ ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

कोई बात नहीं! एस्टेला के लिए, ये भी करना था! और एक बात और, वो प्रबल था! अत्यंत प्रबल! और अब मुझे, प्रबंध करना था एक घाड़ का! जो पता चला...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“नहीं, मैं चलूंगी” वो बोली, “ठीक है, चलना” मैंने कहा, फिर मैं उठा, और आ गया बाहर, सीधा अपने कमरे में, “अब पेट कैसा है?” मैंने पूछा, “अब ठी...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“चाय?” मैंने पूछा, “मैंने तो पी ली” वे बोले, “अच्छा, चलो मैं आता हूँ अभी” मैंने कहा, “आ जाइये” वे बोले, और मैं बाहर चला गया, सीधा चाय लेने, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

एस्टेला ने करवट बदली! और उसकी नज़र पड़ी मेरे ऊपर, मुस्कुरा गयी! अभी नींद में ही थी! आँखें बंद कीं उसने, और फिर खोल लीं! उठी! बैठी! और दो...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

कैसे यक़ीन कर सकता है किसी पर? कैसी अनजान पर? लेकिन! उसने किया था! मुस्कुराया मैं! और फिर आँखें बंद कर, इंतज़ार करता रहा, सोने का! और सो...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

और कोई भी फायदा उठा सकता था उसका! इसको इतना ज्ञान नहीं था! इसकी संस्कृति अलग है हमसे! मेरे साथ सोयी थी! बहुत बड़ा विश्वास था ये उसका! बहुत बड़...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

“सो जाओ फिर” उसने कहा और करवट बदल ली! शुक्र है! अब सो तो जाऊँगा! मैंने आँखें बंद कर लीं, करवट बदल ली! कोई बीस मिनट बीते! उसने करवट बदल ली!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

नहीं” मैंने कहा, “तो बातें करो मुझसे?” उसने कहा, मैंने करवट बदल ली! पीठ कर ली उसकी तरफ! उसने अपनी ऊँगली का नाखून चुभो दिया मेरे! मैंने करवट ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

फिर बंद कर लीं! थोड़ा सा समय बीता! उसने अपना हाथ रखा मेरे ऊपर, मैं चुपचाप लेटा रहा! दुमई सांप की तरह! शांत! एकदम शांत! फिर वो और आगे आयी!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी की एक घटना – Part 1

ठीक है जाओ, मरने दो मुझे” वो बोली, मुझे हंसी आ गयी! उसने गुस्से से देखा मुझे! फिर मेरा कॉलर पकड़ कर नीचे बिठा लिया! “ये देखो, बहुत जगह है, सो ज...

2 years ago
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