श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Mar 25, 2026
Topics: 245 / Replies: 9252
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

फिलहाल के लिए! सहसा! फिर से जैसे बिजली कौंधी! और हमारी आँखें चुंधिया गयीं! मैंने और शर्मा जी ने अपने अपने हाथ आगे किये उस प्रकाश से बचने के लि...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

लेकिन वो नहीं भागे! “नहीं!” वे बोले, “भागो!” मैंने कहा, “नहीं!” वे चिल्लाये! “मारे जाओगे?” मैं चिल्लाया, “नहीं, मैं नहीं जाऊँगा!” वे बोले, ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

चारों ओर! और मित्रगण! अजीब अजीब से विषैले सांप उनमे से निकलने लगे! सारे भाग छूटे हमारी ओर! जैसे हांका गया हो हमारी तरफ उन्हें! सुरक्षा-वृत्त...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

मैंने तभी कौडिम्भ-मंत्र का जाप किया और थूक दिया नीचे! भयानक टंकार हुई! भिड़ गए दोनों मंत्र! मैं गिर पड़ा नीचे! नीचे गिरते ही वृत्त से बाहर हुआ औ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

उस साधू से टकरायी! साधू लड़खड़ा गया! और फिर भक्क से लोप हो गया! ऋशूल जटा-शक्ति है श्री महा औघड़ की! परम विद्या है! इसके सहारे किसी से भी भिड़ा जा ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

अंगार शांत हो गया! शांत! चिरक कागज़ के जले टुकड़ों की तरह भूमि पर गिरने लगे! प्राण बच गए! नहीं तो अस्थियों समेत मिट्टी में मिल गए होते हम दोनों!...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

मैं यदि उप्प्लाविद-मंत्र नहीं लड़ाता तो निःसंदेह मेरे त्रिशूल का मूठ मेरे उदर में घुस चुका होता! मैं बच गया! झेल गया वार! मैंने फिर से त्रिशूल लहराया...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

घुमाया! और कृतांग-मंत्र का पुनः जाप किया, त्रिशूल अभिमंत्रित किया और सम्मुख कर दिया उसके! वो हंसा! जैसे मेरा उपहास उड़ाया हो! मैं मुस्तैद खड़ा...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

आँखें ऐसी कि कोई देख ले तो मारे भय के पछाड़ खा जाए! क्रोधित! रौद्र मुद्रा में! भीषण मुद्रा बनाये! मैं चौकस! वो सामने बढ़ा! डील-डौल ऐसा क...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

तान दिया त्रिशूल सामने, उसकी तरफ! वार हुआ! और टकराया उस साधू से! वो उड़ चला! बहुत दूर! बहुत दूर! और लोप! मैंने फिर से त्रिशूल लहराया! न...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

“मैंने भी कहा था, नहीं!” मैंने कहा, “तुमने नहीं माना” उसने कहा, “नहीं मानूंगा” मैंने कहा, “परिणाम भुगतो फिर” उसने कहा, “मैं तैयार हूँ” मैंने क...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

अब आसन बिछाया, शर्मा जी को साथ बिठाया, और ईंधन लिया, और मंत्र पढ़ते हुए सुलगा दिया! खेत के मध्य भाग में एक अलख भड़क उठी! अलख भोग अर्पित किया, ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

भूमि में कम्पन सा हुआ! मैं समझ गया! आज सम्भावना है कि आज संग्राम होगा! मैंने यमत्रास-मंत्र का जाप किया, तौतिक को सम्मुख भिड़ाया, और चल दिए आग...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

और फिर आराम! अब रात की प्रतीक्षा! अब हुई शाम! और आयी रात! रात को अर्धांगिनी स्वरुप मानते हैं औघड़! ये समस्त सुख प्रदान करती है! समस्त सुख! ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

नमन किया! गुरु नमन किया! अघोर-पुरुष वंदना की! और क्रिया आरम्भ! मन्त्रों से वो स्थान गुंजायमान हो उठा! अब मैंने एक एक करके समस्त आवश्यक मंत्र...

1 year ago
Page 28 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top