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“बाबा आंजनेय क्रोधित हैं” वो बोली, “क्रोधित हैं?” मैंने पूछा, “हाँ, अब जाओ, शीघ्र ही” वो बोली, मैं कुछ कहता, इस से पहले ही वो लोप हो गयी! और...
“आओ? सामने आओ?” मैं चिल्लाया! मैं भागते हुए गया, अपना त्रिशूल लेकर! और जैसे ही घोंपने लगा, रुक गया! ये मंजरी थी! वो मुझे विस्मय से देख रही...
हाँ मुक्ति! मुक्ति दे दो! मैं औघड़ हूँ! लड़ता हूँ! छीनता हूँ! लेकिन चुराता तो नहीं? आपसे माँगा, आपने नहीं दिया, आपसे लड़ा, और छीन लिया! य...
और फिर वो भी एक सिद्ध से! जन्म-जन्मांतर भी गुजर जाएँ तो भी उनके चरणों की धूल का मात्र एक कण भी नहीं हम! बस! इसी सहारे मैं रुका था! मैं कुछ चाह...
“क्यों नहीं आते अब?” मैं चिल्लाया! और फिर! क्रोध बढ़ा! “बाबा देवधर??? आओ??” मैं कह बैठा! दूसरी भूल हो गयी! हो गयी! मैं ललकार बैठा! मद...
“आओ?” “सामने आओ?” “बताता हूँ मैं!” “आओ?” ऐसे चिल्ला रहा था मैं! पसीनों से नहा गया था मैं! केश मेरे मुख पर आ गए थे! मैं जटाओं को हाथ से हटा...
मेरा शरीर ऐसे खुला कि जैसे मानो कपडे को निचोड़ा हो बहुत सुखाते समय और फिर छोड़ा हो उसको एक साथ! उसके वलय खुलते हैं जैसे! ऐसे मेरा शरीर खुला! श्वास स...
अब उसने मेरे चारों ओर चक्कर काटने आरम्भ किये! मित्रगण! वो चक्कर काटता और मेरे शरीर में वलय पड़ता! लगा कि पसलिया टूट जाएंगी! रीढ़ की हड्डी से पसल...
“नहीं” मैंने कहा! “प्राण गँवा देगा!” वो बोला, “मैं बिना मिले नहीं जाऊँगा!” मैंने कहा, “ये तेरा सौभाग्य नहीं!” वे दोनों बोले अब! “तुम कौन होते ...
दो! दो साधू! झोला लटकाये! मेरे सामने थे! एक ने कमल-माल धारण किया हुआ था, और दूसरे ने वैजन्ति-माल! मैंने त्रिशूल कंधे से उतारा! सामने किय...
तभी आवाज़ हुई! मैं पीछे हटा! वे खम्बे वापिस भूमि में जाने लगे! और फिर चले गए! रह गए मात्र सूराख! ये था क्या? कोई माया? या क्या?? कुछ सम...
“ठीक है” वे बोले, अब मैंने वृत्त लांघा, और बाहर चला, त्रिशूल मेरे साथ ही था, त्रिशूल कंधे पर ताने मैं चल दिया आगे, देखने, कि ये खम्भ हैं क...
फिलहाल के लिए! सहसा! फिर से जैसे बिजली कौंधी! और हमारी आँखें चुंधिया गयीं! मैंने और शर्मा जी ने अपने अपने हाथ आगे किये उस प्रकाश से बचने के लि...
लेकिन वो नहीं भागे! “नहीं!” वे बोले, “भागो!” मैंने कहा, “नहीं!” वे चिल्लाये! “मारे जाओगे?” मैं चिल्लाया, “नहीं, मैं नहीं जाऊँगा!” वे बोले, ...
चारों ओर! और मित्रगण! अजीब अजीब से विषैले सांप उनमे से निकलने लगे! सारे भाग छूटे हमारी ओर! जैसे हांका गया हो हमारी तरफ उन्हें! सुरक्षा-वृत्त...
