श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

मैं अपने आप को बहत, कुशल सा मान रहा था, इस से पहले, लेकिन अब पता चला था, कि केले के पेड़ का तना भले ही कितना बड़ा और मज़बूत हो, होता कच्चा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

सिहरन उठ गयी, कनपटियाँ गरम हो गयीं, कान गरम हो उठे, गला सूख गया! थूक निगला ही न जाए! बस उसकी गंध! उसकी वो मदहोश करने वाली खुश्बू, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

कभी दायीं, "उकसा रही हो न?" मैंने पूछा, उसने फिर से ऐसा ही किया, एक स्वीकृति सी मिली मुझे, एक खामोश हाँ! मैंने तो नहीं सुना, पर मेरे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

मैं घायल होता रहा! होता रहा! मैंने अब कंबल खोला, औ ओढ़ लिया, उसको भी उढ़ा दिया, और मैंने फिर, धीरे से उसकी कमर में हाथ डाला, उसने भ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

और मैं उठा, जूते खोले और लेट गया, वो दूसरे कमरे में गयी, और एक कंबल ले आयी, कंबल डाल दिया मेरे पांवों पर, और जैसे ही चली, मैंने उसका...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

''और उनके पति महोदय?" मैंने पूछा, "वो लखनऊ में हैं" वो बोली, "नौकरी?" मैंने पूछा, "हाँ" वो बोली, "और बालक आदि?" मैंने पूछा, "कोई नहीं ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

कि अब, सहन करना मुश्किल था, और वैसे भी, वो चाय अब बन गयी थी, उसमे उबाल आ चुके थे, सामान्य से अधिक, जानती तो आद्रा भी थी, बस, उबाल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

सम्भवतः ये पुरुष की प्रवृति ही है! यही कहूंगा मैं इसको! वो भी, निर्विरोध, मेरा साथ देती रही, खड़ी रही वैसे ही! और मैं, वो असीम सुख भो...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

और मैं वहीँ निहार रहा था, वो पलटी, मुझे देखा, और मुस्कुरायी, मैं भी मुस्कुराया, और चला गया उसके पास, पानी खौल रहा था, और उसमे डूब...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

उसने सुना, और बिना कुछ कहे, उठ गयी, और चली गयी रसोई में! और मुझे चैन आया! अब ताज़ा हवा मिली! जलता हुआ कोयला, अब शांत हुआ! होने ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

मेरे बस में नहीं था ये सब, माँ नहीं बढ़ सकता था आगे, गलत होता ये, बहुत गलत! वो बैठ गयी, मेरे साथ ही, और मैं अपने सामने पड़े उस सोफे, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

मेरे हाथ उसके कमर पर घूमते रहे! और तभी! मेरा विवेक अँधेरे से भाग छूटा! और कस के एक तमाचा मारा मुझे! मैं जागा, जैसे सोये से जागा, होश...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

उसके शरीर की गंध, जैसे मेरे नथुनों में समायी, मैंने सुध-बुध खोयी! मैंने और कस कर पकड़ लिया उसे! और कस कर! मेरी भुजाएं वैसे तो मज़बूत हैं,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

तो समझो कामाग्नि में ईंधन झोंक दिया हो! मैं तो वैसे ही पीड़ित था, अब और पीड़ित हो गया! मित्रगण! उस कमावेश में, मैंने उसके बदन को टटोल मार...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

कुछ कह देती तो, उफान नहीं चढ़ता, स्थिति में खोट लग जाता, न बोली कुछ तो, मतलब उसने गौर नहीं किया, मेरे शब्दों पर गौर ही नहीं किया, दरक...

2 years ago
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