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“कंचन, ये वाला माल इनको पसंद आया है” सुभाष ने कंचन को एक सूट उठाकर दिखाते हुए कहा, “अच्छा, हाँ ये नयी वैरायटी आई है” कंचन ने बताया, “तो यही लेना च...
“ये मेरे दोस्त उज्जवल का छोटा भाई है नितिन, इन्ही ने खोला है वहाँ शोरूम वहाँ, रेडीमेड-गारमेंट्स का, अब ये कपडे देखने आये हैं, जैसा कि मैंने तुमको बताय...
कमरे की तरफ मुड़ गयी! कमरे में जाकर लेट गयी और फिर उसको बीते सालों के वो ख़ास महीने और वो ख़ास दिनों के वो ख़ास लम्हे याद आने लगे! यादों ने जैसे उसके वज...
“ये क्या बात है? मैंने उसको कह दिया है और वो इस शनिवार को आ रहे हैं दोनों भाई?” सुभाष ने कहा, “तो अभी शनिवार थोड़े ही आया है? अभी चार दिन बाकी हैं, म...
रख दिया, तब तक अपना चेहरा पोंछते हुए कंचन आ चुकी थी अपने कमरे में, सुभाष ने पूछा, “फ़ोन क्यों नहीं उठाया?” “ऐसे ही” कंचन ने कहा, “अगर उठा लेतीं तो ...
सुबह उठे तो नहा-धो के निवृत हुए सभी! चाय आई तो कंचन ने चाय अपने कमरे में ही मंगवाई, जबकि सुभाष चाहते थे कि कंचन उनके साथ ही चाय पिए, परन्तु कंचन ने अप...
“धन्यवाद” कंचन ने कहा और कमरे से बाहर चली गयी, सीधे अपने कमरे में! ये क्या हुआ? या कारण है? उसको इस से सम्बंधित इतिहास से नफरत थी, और आज फिर वही? वो भ...
“नहीं बेटी, कोई गलती नहीं!” कालू ने कहा, तब बाबा ने अपनी झोली में से एक फूल निकाला और उसको दे दिया, और बोला,”ले बेटी! जैसे ये फूल खिल रहा है, ऐसे ही...
इसको उसकी स्वीकृति मान लिया! बोले, “कंचन, मै भी तेरे लिए बाप समान हूँ, जितनी ख़ुशी मुझे होगी तुझे ब्याहता देख उस से अधिक ख़ुशी माँ-पिताजी की आत्मा को हो...
“कह रहे थे कि पांच सौ पीस भिजवाने हैं वो हरे वाले” उसने बताया, “ठीक है, कल भिजवा दो, मै आज मंगवा लेती हूँ” कंचन ने कहा, पुष्पा चली गयी फिर! फिर ...
“बोल बेटी?” बदरी ने कहा, कंचन ने बहुत सोचा और फिर बोली, “ठीक है बाबा, जैसा आप उचित समझो” “ले भाई कालू! कह दिया बेटी ने!” बदरी ने कहा कालू से! “अ...
कंचन थोडा झेंपी और फिर बोली, “घर-बार अच्छा हो, सुसंस्कृत हो” अब कालू बाबा हंसा और बोला, “कम उम्र में दिल लगाने का यही नतीजा होता है!” “मै समझी नही...
सब ख़तम! हम लौट पड़े! कोठरे में पहुंचे! मित्रगण! इस घटना के बाद मैं बीस-पच्चीस दिनों तक ठीक से सो नहीं पाया! वही रत्न देखता रहता! बाबा देवधर को ...
सब समझ गया! प्रकाश हुआ! दिव्य प्रकाश! मंजरी प्रकट हुई! मुस्कुराते हुए! “स्मरण रहोगे सर्वदा!” वो बोली, मैंने हाथ जोड़ लिए! नेत्र बंद हो गए...
