श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

कमरे की तरफ मुड़ गयी! कमरे में जाकर लेट गयी और फिर उसको बीते सालों के वो ख़ास महीने और वो ख़ास दिनों के वो ख़ास लम्हे याद आने लगे! यादों ने जैसे उसके वज...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“ये क्या बात है? मैंने उसको कह दिया है और वो इस शनिवार को आ रहे हैं दोनों भाई?” सुभाष ने कहा, “तो अभी शनिवार थोड़े ही आया है? अभी चार दिन बाकी हैं, म...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

रख दिया, तब तक अपना चेहरा पोंछते हुए कंचन आ चुकी थी अपने कमरे में, सुभाष ने पूछा, “फ़ोन क्यों नहीं उठाया?” “ऐसे ही” कंचन ने कहा, “अगर उठा लेतीं तो ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

सुबह उठे तो नहा-धो के निवृत हुए सभी! चाय आई तो कंचन ने चाय अपने कमरे में ही मंगवाई, जबकि सुभाष चाहते थे कि कंचन उनके साथ ही चाय पिए, परन्तु कंचन ने अप...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“धन्यवाद” कंचन ने कहा और कमरे से बाहर चली गयी, सीधे अपने कमरे में! ये क्या हुआ? या कारण है? उसको इस से सम्बंधित इतिहास से नफरत थी, और आज फिर वही? वो भ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“नहीं बेटी, कोई गलती नहीं!” कालू ने कहा, तब बाबा ने अपनी झोली में से एक फूल निकाला और उसको दे दिया, और बोला,”ले बेटी! जैसे ये फूल खिल रहा है, ऐसे ही...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

इसको उसकी स्वीकृति मान लिया! बोले, “कंचन, मै भी तेरे लिए बाप समान हूँ, जितनी ख़ुशी मुझे होगी तुझे ब्याहता देख उस से अधिक ख़ुशी माँ-पिताजी की आत्मा को हो...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“कह रहे थे कि पांच सौ पीस भिजवाने हैं वो हरे वाले” उसने बताया, “ठीक है, कल भिजवा दो, मै आज मंगवा लेती हूँ” कंचन ने कहा, पुष्पा चली गयी फिर! फिर ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“बोल बेटी?” बदरी ने कहा, कंचन ने बहुत सोचा और फिर बोली, “ठीक है बाबा, जैसा आप उचित समझो” “ले भाई कालू! कह दिया बेटी ने!” बदरी ने कहा कालू से! “अ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

कंचन थोडा झेंपी और फिर बोली, “घर-बार अच्छा हो, सुसंस्कृत हो” अब कालू बाबा हंसा और बोला, “कम उम्र में दिल लगाने का यही नतीजा होता है!” “मै समझी नही...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

सब ख़तम! हम लौट पड़े! कोठरे में पहुंचे! मित्रगण! इस घटना के बाद मैं बीस-पच्चीस दिनों तक ठीक से सो नहीं पाया! वही रत्न देखता रहता! बाबा देवधर को ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

सब समझ गया! प्रकाश हुआ! दिव्य प्रकाश! मंजरी प्रकट हुई! मुस्कुराते हुए! “स्मरण रहोगे सर्वदा!” वो बोली, मैंने हाथ जोड़ लिए! नेत्र बंद हो गए...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

बाबा! बाबा! चिल्लाया! बहुत चिल्लाया! तभी आंजनेय प्रकट हुए मेरे सम्मुख! मैं झुक गया! पाँव पड़ गया उनके! उन्होंने उठाया! माथे पर हाथ फेरा! ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० जिला मथुरा की एक घटना

‘बाबा! बाबा’ कहता हुआ! वे रुक गए! तभी प्रकाश चमका! सभी! वे सभी वहाँ खड़े थे! सभी! मंजरी! आंजनेय! सभी! सभी मुस्कुरा रहे थे! बाबा ने ...

1 year ago
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