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पैसा बूढ़े माँ-बाप की बीमारी में लग जाया करता था, एक रात, वही लड़का, घर आ रहा था पैदल पैदल, तब उसको एक लड़की मिले, अकेली, उस से मुहब्ब्त करने...
"कहाँ चली?" माँ ने पूछा, कुछ नहीं बोली, और सीधा बाहर चली गयी, "नहाने गयी है" मैंने कहा, "हाँ जी, ऐसा ही करती है ये" वे बोले, "कोई बात न...
फिर उठ कर किशोर साहब के पास आये, "किशोर साहब, लड़की गम्भीर मुसीबत में है, ये एक जिन्न के चककर में है, फंस गयी है, अपने आपे में नहीं है" वे बोले गए, ...
लेकिन क्या करता, उस समय पत्थर नहीं बनता तो, मोम बन जाने के कारण, बाजी निकल जाती हाथों से! "शर्मा जी, दरवाज़ा खोल दो, और किशोर जी को बुला लो ...
"नहीं आइजा!" मैंने कहा, असदूक़ ने, अपनी बहन को देखा, और फिर मुस्कुराया! और दूर हट गए दोनों ही! "ठीक है! शुक्रिया!" असदूक़ ने कहा, "शुक...
मरे या जिए? लड़की खुश है, और क्या चाहिए! लेकिन नहीं! फिर एक मानव होने का लाभ ही क्या? मानव यदि मानव से ही छल-कपट करे, तो कैसा मानव वो...
"आपकी साफ़गोई से मैं बहुत खुश हूँ! अब तीसरा सवाल!" वो बोला, "जी, ज़रूर!" मैंने कहा, "अगर मैं आपसे कहूं, कि इनकी मुहब्ब्त पर रहम कीजिये और इनको बख्...
"नहीं! हरगिज़ जायज़ नहीं असदूक़ साहब! लेकिन यहाँ मामला उल्टा है, अबरार और आप सभी, आतिशजात हैं, और ये लड़की, एक आदमजात! क्या ऐसा मेल देखा है आपने कहीं? इस ...
सुर्ख लाल, पपोटेदार होंठ, बाहर झाँक रहे थे! कमर ऐसी पतली थी कि जैसे, कोई तस्वीर लगी हो! कामुकता की पराकाष्ठा थी वो लड़की! और वो जिन्न, ...
और नहीं गए, कई बार कहा, नहीं गए! वहीँ डटे रहे! तभी रौशनी दमकी! और दो, दी जिन्नात वहाँ हाज़िर हुए, एक लड़की और एक जिन्न! लड़की गज़ब...
और पल में ही वो, घूमती हुई मंडिका प्रकट हुई! और चली याहिया की तरफ! यदि छू जाए, तो क़ैद हो जाता वो इसमें! याहिया चौंका! और पल भर में ह...
ऐवांग-मंत्र पढ़ा, माथे पर हाथ फेरा! विद्या ने काम किया, अब मैंने शर्मा जी के माथे पर हाथ फेर दिया, लम्बी सांस ली उन्होंने, और खांसी उठ ग...
कुछ बड़बड़ाया उसने! और मैंने अभिमंत्रित भस्म, फेंक मारी सामने! उसने हाथ आगे किया, और भस्म दीवार की तरफ मुड़ गयी! काले जले से निशान बन गए, ...
"अब दफा हो जा यहाँ से, नहीं तो वो हाल करूँगा कि अपने आदमजात होने पर आंसू बहायेगा!" वो बोला, मैं हंसा! धमकी दी थी उसने मुझे! "याहिया! तेरे पास...
वो किया! मैं ऐसा सोच ही रहा था, कि एक पहलवान सा जिन्न हाज़िर हुआ! लम्बा-चौड़ा! इंसान को तो, बीच में से ही फाड़ दे, दो टुकड़ों में! "क...
