श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Feb 5, 2026
Topics: 245 / Replies: 9249
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

रात कटी,सुबह आई, सभी फारिग हुए, बजे थे साढ़े आठ! शर्मा जी ने तभी कॉल कर दी अमली बाबा को! फ़ोन उठाया अमली बाबा ने! तो साहिबानों! कार्यक्रम तय हो गया!...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“आप एक काम कीजिये न? आप मुझे सुबह नौ बजे कॉल कर लीजिये” अमली बोला, “ठीक है बाबा जी” शर्मा जी ने कहा, मै समझ रहा था सब कुछ! शर्मा जी के प्रपंच में ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“हम तो धन्य हो गए बाबा जी आपके दर्शन पाकर! आपके स्थान पर गए थे, वहीँ से पता चला कि बाबा जी तो चंडीगढ़ जा रहे हैं, अभी अभी निकले हैं!” शर्मा जी ने हाथ ज...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

हम वहाँ पहुंचे, ये एक गाँव जैसी जगह थी, यहीं कहीं एक नाला था, वो हमने ढूँढा, मिल गया, ये मुख्य सड़क से करीब सात-आठ किलोमीटर पूर्व में था! जहां ये अमली ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“एहसान कैसा? किसी कि जान बच जाए तो कैसा एहसान?” मैंने पूछा, “नहीं गुरु जी” उसने कहा, “शुक्र है कि जल्दी खबर लग गयी, देर हो जाती तो अनिष्ट हो जाता”...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“उस मादर** को भी देख लेंगे हम गुरु जी!” शर्मा जी ने कहा, “ठीक है, कल सुबह हम पहले चलते हैं सुभाष के पास और कंचन को सारी सच्चाई से अवगत करा देते हैं,...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

उसका ये निर्णय उसके मानसिक-पतन का कारण बना! ये था उज्जवल! उज्जवल प्रेम करता था कंचन से! अटूट प्रेम! परन्तु उसके माता-पिता के निर्णय ने उसको दिग्भ्रमित...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

सुभाष के होश आने की खबर जोशी जी के फ़ोन पर आई! ये खबर कंचन के भाई ने दी थी! अब मुझे शीघ्र ही सुभाष के पास जाना था, अतः हम वहीँ की ओर रवाना हो लिए! हम...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

मारण मालवा क्षेत्र में प्रचलित है! सुभाष के फेंफडों की नसे फट गयी थीं! मानो शरीर का तीन चौथाई भार फेंफडों पर पड़ रहा था! बेचारा सुभाष! मै बाहर आया, ब...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

कंचन ने सर उठाया, उसके होंठ फड़क रहे थे, “कंचन, सुभाष ठीक हो जायेंगे, तुम चिंता न करो” उज्जवल ने कहा, कंचन ने कुछ न कहा! “कंचन” उज्जवल ने कहा, ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

तभी एक चिकित्सक ने कंचन के भाई को बुलाया, और कहा, “इनकी हालत बिगड़ रही है, इनको किसी बड़े अस्पताल में ले जाइये, हमारे पास ये सुविधाएं नहीं हैं, जिनकी इन...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

कर दिया, थोड़ी देर में एम्बुलेंस आ गयी, उन्होंने सुभाष को उठाया और तभी दौड़ पड़े अस्पताल की तरफ, आनन्-फानन में कंचन ने अपने बड़े भाइयों को फ़ोन कर दिया, वो...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“हाँ” सुभाष ने कहा, “ऐसा कैसे हो सकता है, यहाँ तो कोई नहीं है?” कंचन ने कहा, “लेकिन मुझे लगा ऐसा” सुभाष ने बताया, “कोई सपना देखा होगा आपने” कंचन...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“ठीक है, सुबह दिखाते हैं” सुभाष ने कहा, फिर कसमसाते हुए सो गए सुभाष और कंचन भी, सुबह नींद खुली तो कंचन ने सुभाष की कमर देखी, वहाँ कोई भी रेखा नहीं...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

करीब हफ्ता गुजर गया, सुभाष दवाइयों का सेवन करते रहे, अब तबीयत ठीक थी उनकी, पेट में दर्द समाप्त हो गया था, उन्होंने भी इसको विषाक्त-भोजन के कारण ही मान...

1 year ago
Page 21 / 633
error: Content is protected !!
Scroll to Top