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छलावे का डर अपने ऊपर हावी ना होने देना ही उस से बचने का उपाय है! “हाँ! मार दूंगा, ज़मीन में गाड़ दूंगा” उसने गुस्से से कहा! “अच्छा! इतनी ताक़त है तुझ...
अब वो सामने आया थोडा और! और रुक गया! “क्या हुआ? मेरे सामने आ?” मैंने कहा, वो आगे नहीं बढ़ा! उसे शायद गंध आ गयी तामस-विद्या की! “आजा सामने” मैंने ...
“मै समझ गया! ठीक है, परन्तु मेरे रक्षा-घेरे में ही रहें, चाहे मेरे साथ कुछ भी हो” मैंने बताया, “जी गुरु जी” उन्होंने कहा, तब मैंने उनको भी तंत्राभ...
मूत्र त्याग करने वाले उसे पसंद नहीं, हाँ चुनौती देने वालों को वो बख्श्ता नहीं! यही हुआ था आज तक वहाँ! अब मैंने वहाँ से नरेन्द्र हो हटा दिया! और शर्म...
फिर हमारी कुछ और बातें होती रही इसी विषय पर, मेरे पास अभी दो दिनों का समय था तैयारी करने के लिए, मैंने कुछ साजो-सामान व सामग्री मंगवा ली! अपने तंत्राभ...
कर रहा है, ये उनके मल-मूत्र त्याग से चिढ़कर उनको लात मार के वहाँ से भगा देता है! अब ये निश्चित रूप से एक बलवान और एक पुराना छलावा ही है, निश्चित रूप से...
भिड़ने की कहानी सुनाई थी, कुछ और कहानियां भी सुनी थीं मैंने इसके बारे में! दिल्ली के एक दूरसंचार निगम के अधिकारी ने भी मुझे इसकी एक कहानी सुनाई थी, वर्...
अब मान्त्रिक घेरे में बैठा, कामिया-सिन्दूर निकाला, माथे पर टीका किया! और फिर जेब से भस्म निकाली! और जैसे ही भस्म नीचे डालनी चाहि, तभी उसको उसके घेरे म...
तब मान्त्रिक ने और मंत्र पढ़े! लेकिन किसी का भी आने का एहसास न हुआ! तब मान्त्रिक ने थोडा तेल अभिमंत्रित करके भूमि पर एक जगह छिड़का और फिर एक घेरा बना लि...
“मुझे वो जगह दिखाओ अरविन्द” उन्होंने कहा, तब नरेन्द्र अरविन्द के कहने पर उनको वो जगह दिखाने चला गया! “ये तो काफी बंजर सा इलाका है अरविन्द” चाचा जी...
अरविन्द और उसके बड़े भाई ने अपनी कुछ ज़मीनें बेच कर और कुछ ऋण लेकर ये ज़मीन खरीदी थी, एक फार्म-हाउस बनाने के लिए, अब न जाने ये क्या बला आ गयी थी! अरविन...
तब नरेन्द्र के एक साथी ने फ़ौरन उसको अपनी गाड़ी में डलवाया और दो आदमियों को साथ ले भागा अस्पताल! “क्या है वहाँ बाबा जी?” नरेद्र ने घबरा के पूछा, “को...
बाबा ने हिम्मत दिखाई! बोले, “कौन है तू?” उस आदमी ने कुछ न कहा, वो यथावत खड़ा रहा! “बता? कौन है तू?” बाबा ने अपना लौह-दंड उसको दिखाते हुए कहा! और ...
कोई नहीं आया! “सामने आता है या नहीं?” बाबा चिल्लाए! कोई नहीं आया! अब बाबा और आगे बढे, ज़मीन के मध्य आ गए! और बोले, “अरे मै खड़ा हूँ यहाँ! सामने तो...
और फिर अगले दिन बाबा जी आ गए! उनके साथ उनका एक चेला भी आया! नरेन्द्र ने झटपट से बाबा जी को वो जगह दिखा दी जहां वो पहलवान दिखाई देता है, जिसने लोगों को...
