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उस कौलिक-औघड़ ने भस्मासुरी-विद्या प्रयोग किया और वो बरसात थम गई! मै इस औघड़ कि शक्ति का लोहा मान गया! अगर इसके सामने कोई और होता तो ये उसके अनगिनत टुकड़े...
और अपने मंत्र से उसने उसको भी क़ैद कर लिया! मुझे काटो तो खून नहीं! वो हंसा और अट्टहास किया! मै नहीं चाहता था कि पहला वार मै करूँ, उसकी जब शक्ति आई तो...
मैंने अपनी एक बोतल निकाली और मैंने आधी गटकी और बाकी में अपना हाथ काट के रक्त मिला दिया! वो औघड़ चिल्लाया, 'जय प्रचंड-माद्रे! जय प्रचंडमाद्रे' मै भी...
रखा, उनकी कलेजी निकल कर एक माला बनायी और अपनी अधिष्ठात्री का आह्वान कर धारण कर ली! फिर मैंने एक चाक़ू लेकर अपनी दोनों पिंडलियों का रक्त निकाला, एक सक...
साहू को सारी बातें बता कर शर्मा जी मेरे पास आ गए, मैंने कहा, "शर्मा जी जो मै कहता हूँ वो आप साहू से कह के कल दिन में मंगा लीजिये" "बोलिए गुरु जी" वो...
तभी उसके तीसरे प्रहार को रोकने के लिए, अपना त्रिशूल लिया और एक चाक़ू से अपना अंगूठा चीर कर उसके मध्य-खंड पर डाल दिया! अब औघड़ ने त्रिशूल निकाला और फिर स...
मुझे हर क़दम सावधानी से उठाना था, मैंने अपनी शक्तियों का आह्वान किया, उनको जांचा-परखा! और चुन-चुन के उनका चुनाव किया! मैंने शर्मा जी को भी अभि-मन्त्रण ...
"हाँ, वो अवश्य करेगा!" मैंने हंस के कहा, "तो इस से जतिन पर क्या असर पड़ेगा? क्यूंकि वो जतिन को छोड़ना नहीं चाहता, और हम जतिन को छुडाने जा रहा हैं!" उन...
उद्देश्य बताया, वो चिंघाड़ती हुई उठी और एक दम फुर्र से उड़ चली, कोई १० मिनट के बाद वो आपिस आई! उसने जो खबर दी वो अत्यंत भयानक थी! उसके अनुसार-- ये औघड़...
"ठीक ही, मै देखता हूँ क्या किया जा सकता है" मैंने कहा, साहू ने उसी दिन की रिजर्वेशन करा रखी थी, वापिस भी जाना था, अभी कोई ४ घंटे बचे थे, मैंने साहू ...
"अपने आपको औघड़ श्यामा कहता है वो, कहता है बंगाल से आया हूँ, सबको पछाड़ने के बाद!" साहू ने बताया, "अच्छा! क्या आप मिले हैं उस से?" शर्मा जी ने कौतुहल ...
सुबह कोई साढ़े १० बजे शर्मा जी राकेश साहू को लेकर मेरे पास आ गए! नमस्कार वगैरह हुई, हाल-चाल पूछा गया! साहू साहब के लिए चाय आ गयी! हम तीनों ने चाय पी और...
फिर से लम्बी कतार में अपनी जगह बना कर, कतार में शामिल हो गए! और फिर धीरे-धीरे रेंगने लगे! करीब ४ घंटे के बाद हमने दिल्ली में प्रवेश किया! वही भीड़-भा...
मैंने भद्रिका का आह्वान किया! भद्रिका हालांकि उसको रोकने में सक्षम नहीं थी, पर समय व्यतीत किया जा सकता था! मै पीड़ा सहते हुए संग्राम में जुटा था! मेर...
