Last seen: Feb 5, 2026
“किसलिए?” उसने पूछा, अब मैं अटका! कटकनाथ को तो देना नहीं था, तो फिर किसलिए? मैं अटक गया! किसलिए! इसका क्या जवाब था! कोई भी नहीं! किसलिए चा...
और ज़मीन पर पाँव मारा! पाँव मारते ही घड़े आ गए वहाँ ज़मीन से निकल कर! घूमते हुए! सोने से भरे हुए! अकूत दौलत! कौन नहीं चाहेगा वो! कोई भी चाहेगा! मेरे हा...
“यहाँ” उसने अपने पाँव से ज़मीन पर मारते हुए कहा, “भूमि में?” मैंने पूछा, और तभी मैं उछला! और नीचे गिर गया! किसी ने मुझे धक्का सा दिया था, पीछे ...
वो भी चुप! “किसकी सेविका?’ मैंने पूछा, “बाबा की” उसने कहा, “कौन बाबा?” मैंने पूछा, वो हंसी! “कौन बाबा?” मैंने फिर पूछा, “जिसके लिए तू ...
और फिर जैसे ही पेटी के वो तार काटने लगा, पेटी में आग लग गयी! और अब आवाज़ें आयीं हंसने की! मैं खड़ा हो गया! आग बंद! “कौन है” मैंने कहा, कोई नहीं! “...
“अब तू नहीं बचेगा!” वो चिल्लाई! मैंने अब भी कुछ नहीं कहा! वो अब गुस्से में आयी मेरी तरफ! मैं तैयार था! मैंने महाताम विद्या का पुनश्चः संधान कि...
और तब! तब गड्ढे से एक औरत बाहर आयी! एक खौफनाक औरत! एक बार को तो उसका रूप देखकर मुझे भी सिहरन हो गयी! फुरफुरी सी दौड़ गयी शरीर में! वो औरत बड़ी लम्बी...
मैंने पीछे देखा! कोई नहीं था! आगे जैसे ही मुड़ा, वो गड्ढे के पास खड़ा था! “क्या हुआ ढेणा?” मैंने पूछा, वो चुप! “बस?” मैंने पूछा, अब उसने सुन...
मैंने सुना! “चला जा!” उसने फिर से कहा, मैंने सुना! पर गया नहीं! अब उसे क्रोध आया! “नहीं जाएगा तू?” उसने गुस्से से कहा, “नहीं!” मैंने कहा, ...
लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आया! और फिर……… ढेणा! यही नाम बताया था उसने! जल्लाद सा लगता था देखने में! भक्क काला और पहलवान! आज के इंसान की तो एक हाथ...
“जवाब दे?” उसने पूछा, मैंने कोई जवाब नहीं दिया! वो हंसा! बहुत तेज! अट्ठहास! और उसने अब मेरे परिवारजनों के नाम बोलने शुरू किये! सभी के नाम! ह...
उसने सभी को देखा, सभी लोप! “चला जा” उसने कहा, “नहीं जाऊँगा” मैंने कहा, तब उसने अपने वस्त्रों में छिप एक खंजर निकाला! और मेरी तरफ बढ़ी! मुझ पर वार...
अब मैं खड़ा हो गया! फ़ौरन बैग खोलकर मैंने तंत्राभूषण धारण कर लिए! अब मैं किसी से भी टकरा सकता था! ये क्या बला है? मैंने ध्यान दिया, वे वहीँ खड़ी थीं,...
वे कराहने लगे थे! मैंने आवाज़ देकर शर्मा जी और मजदूरों को बुलाया, वे आये और मैंने उनको उन्हें उठाकर ले जाने को कहा, वे उठा के ले गए! वे बुरी तरह से चिल...
“सुनील, विजय? चलो मेरे साथ, एक रस्सा ले लो” मैंने कहा, वे चौंके! लेकिन कोई प्रश्न नहीं पूछा उन्होंने! सुनील रस्सा ले आया! “चलो मेरे साथ” मैंने क...
