श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Apr 11, 2026
Topics: 245 / Replies: 9253
Reply
RE: वर्ष २०१२ गुड़गांव की एक घटना

"लाजमी है, मैं होता उनकी जगह तो मैं भी आ जाता!" मैंने कहा, "हाँ, सही बात है" वे बोले, "कहाँ रहते हैं ये? गुड़गांव?" उन्होंने पूछा, "हाँ वहीँ" मैं...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ गुड़गांव की एक घटना

"हाँ, ये तो है" मैंने कहा, "अच्छा, आगे?" मैंने पूछा, "गुरु जी हमने ठान लिया कि अब इस घर में नहीं रहेंगे हम, मैंने अपने आसपास के बिल्डर्स से बात की...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ गुड़गांव की एक घटना

"अच्छा, फिर?" मैंने पूछा, "दरवाज़े पर ताला था, कोई चोर तो घुसा नहीं था, अब डर गए हम, किसी तरह से मैंने हिम्म्त की और दरवाज़े पर लगा ताला खोला, अंदर से...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ गुड़गांव की एक घटना

तभी चाय आ गयी, हम चाय पीने लगे! "और क्या हुआ था?" मैंने पूछा, "एक दोपहर की बात है, रूबी नहा कर अपने कमरे में गयी थी, तैयार ह रही थी तो उसके कपड़े क...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ गुड़गांव की एक घटना

"पता नहीं गुरु जी" वे बोले, "क्या होता है उसके साथ?" मैंने पूछा, "हमे करीब तीन ही महीने हुए हैं यहाँ आये हुए, एक आद हफ्ता तो ठीक रहा लेकिन एक दिन ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ गुड़गांव की एक घटना

"चलो ठीक है" मैंने कहा, पुष्प जी चाय बनाने चली गयीं! "दो भूत हैं जी?" उनके पिता जी ने पूछा, "माता जी ने यही कहा, सुनी सुनायी बात है" मैंने कहा, ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ गुड़गांव की एक घटना

उनसे पीड़ित हो चुकी थीं, एक जी घर छोड़ के जा चुके थे और एक ये रूबी! और उन्होंने जो नाम बताया था कृतिका, वो भी सही था, अब कड़ियाँ जुड़ने लगी थीं! "रूबी? ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ गुड़गांव की एक घटना

अब मैं चौंका! "क्या अम्मा जी?" मैंने पूछा, "एक लड़की और उसके दोस्त ने आत्महत्या कर ली थी घर में, फांसी लगा के" वे बोलीं, अब ये एकदम नया और ठोस खु...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ गुड़गांव की एक घटना

"भूत हैं उसमे" वो बोलीं, "भूत?" मैंने पूछा, "हाँ, दो भूत" वो बोलीं, "आपने कभी देखे?" मैंने पूछा, "नहीं" वो बोलीं, "अच्छा, तो सुना होगा आपने"...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के समीप की एक घटना

भाग चले थे, और एक जगह बाबा को ले जाते समय, नकुल गिर पड़ा! उसको उठाया, तो बाबा को भी होश आ गया! शांत! बेसुध! अनजान से! खूब झिंझोड़ा उन्हें! नहीं बोले क...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के समीप की एक घटना

स्वर गूंजे! "रमश एहूँ" बोले बाबा! मेरे तो होश ही उड़ने वाले थे! ये हो क्या रहा था? पहले हिना ने प्रश्न पूछे, अब त्राजिरि ने! और बाबा ने उत्तर भी सह...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के समीप की एक घटना

ये कैसे छुट गया? और फिर, बाबा ने कैसे सीखा? कैसे? कहाँ से? आखिर, आखिर? ये है कौन सी भाषा? मित्रगण! मुझसे क्या छूट गया, इस भाव से मैं पीड़ित हँ! ये एक ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के समीप की एक घटना

शरद, अर्थात पतझड़! हेमंत अर्थात शीत ऋतु, शिशिर, अर्थात मनभावन और ठंडा! लेकिन क्या आप जानते हैं? कि एक अहोरात्र में चौबीस घंटे होते हैं, और ये सभी ऋ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० काशी के समीप की एक घटना

आभूषणों से! भुजाएं, आभूषण ही आभूषण! कमर में आभूषण, नीचे तक आभूषण! घुटनों में आभूषण! पांवों में आभूषण! और रूप! रूप साक्षात देहरूपी कामदेव का! केश सघन, ...

2 years ago
Page 138 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top