श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

अलख की तरफ मुड़ी और बैठ गयी उसके पास! मांस का टुकड़ा लिया, झोंका अलख में और एक शब्द बोली वो, "शूलधरणी!" चिल्ला चिल्ला के! और तब वाचाल के स्वर गूंज...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

एक रक्षा का घेरा! अब आगे गया! देख लड़ाई! तो वो सरभंग अकेला बैठा था वहाँ! अलख के सामने! और वो श्रेष्ठ, अपनी साध्वी पर कोई क्रिया कर रहा था! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

श्रुति मेरा मर्दन कर रही थी! वो बार बार उचक जाती, मैं पकड़ता उसे! ये बार बार हुआ, और फिर, फिर मेरे सीने पर गिर गयी वो! हाँफते हुए! पसीनों स...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

अपितु स्त्री किया करती है! मैंने श्रुति को और तेजी से उग्र होने को कहा, जितना उग्र होती, उल्टा ही वेग बनता और वेग बनता तो घंट-नटी नहीं प्रवेश करती!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

मैं भागा! अपना त्रिशूल लिया, भौमसिद्धिका मंत्र से अभिमंत्रित किया, और छुआ दिया उसे! विद्युत सी प्रवाहित हो चली! और जाग गयी वो! अब कोई शक्ति न...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

लेकिन! चौंका फिर! चौंक पड़ा मैं! ओह! कुशाग्र! बहुत कुशाग्र है ये सरभंग तो! अब समझ गया मैं!! समझ गया! कि क्यों उसने घंट-नटी को चुना! म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

सरभंग काजिया नाचे जा रहा था! फू-फू करता हुआ हर तरफ थूके जा रहा था! ये वही काजिया था जिसने बाबा महापात्रा की साधिका को मध्य-क्रिया में मार डाला था! ये ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

वो सरभंग आगे आया! थूका उसने घृणा से! और लौटा पीछे! "श्रेष्ठ! मान जा! लौट जा!" मैंने कहा, नहीं माना वो! कैसे मानता! अभी तो, बहुत तीर बाकी थ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

मेरा बदन भारी हो चला! साँसें बंधने लगीं! और गले ही पल! एक श्वेत प्रकाश! और आकाश से एक दिव्य-सुंदरी का अवतरण हुआ!! मैं सामान्य हो गया! भागा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

"हे सुर्ना! एक आराध्या! हे देवी! प्रकट हो! प्रकट हो!" बोला वो! और मेरे यहां! आकाश से बूँदें गिरीं! जल की बूंदें! शीतल जल की बूँदें! जैस...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

इसीलिए पाँव से लिटाया उसे, उसने पाँव पकड़ लिया मेरा, मैंने आँखें चौडीं करके दिखायीं उसे! वो दरी और लेट गयी! मैंने वो शिशु-कपाल उसे वक्ष पर रख दिया, वक्...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

"साधिके?" बोला मैं! और तब उसने एक मंत्र बोला, आधा! शीर्ष मंत्र! और अधो, मैंने पूर्ण किया! हुआ शक्ति प्रवेश! "साधिके?" कहा मैंने! "हा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

"हाँ!" बोली वो! "सामग्री दो!" मैंने कहा, उसने सामान दिया! "वो, वो उठाओ?" बोला मैं, कपाल-कटोरा उठाया उसने! दिया मुझे! "परोसो!" बोला मैं,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

सागर-वासिनी ब्रह्मसुर्ना एक कालकेय महाशक्ति है! एक अत्यंत रौद्र और विध्वंसक प्रकृति वाली अजेय महाशक्ति है! चौंसठ रात्रि इसकी साधना है! इक्कीस बलिकर्म ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

वो हंसा! ऐसा हंसा जैसे अभी फट पड़ेगा! "धन्ना पर बहुत घमंड है न तुझे?" बोला वो! उसने अपने दम्भी मुख से मेरे दादा श्री का नाम लिया? ऐसा साहस? जी...

2 years ago
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