श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Apr 11, 2026
Topics: 245 / Replies: 9253
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

"लो साधिके! दो दो दीये चारों दिशाओं में रख आओ!" बोला मैं, और दीये उसके हाथों में रख दिए मैंने, दो दो करके, वो रखने लगी, और फिर रख आई! "ये एक ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

और देह, पाषाण जैसी होती है! तो वे चारों द्वारपाल और हंकिनी आ चुके थे! आमद हो चुकी थी उनकी! ये महाभट्ट वीर हैं, इनकी आज्ञा लिए बिना आगे का मार्ग नहीं...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

सत्ता की लड़ाई थी!! सत्ता! उसके लिए! मेरे लिए, उस श्रेष्ठ को दिखाना, कि, धन्ना ने क्या सिखाया था मुझे! क्या सीखा मैंने! ये सब दिखाना था इस ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

उस भुर्भुजा का पेड़ के नीचे रखा भोग, उछला हवा में, और गायब! बस ठाल ही नीचे गिरा! मैंने अट्ठहास लगाया! "हंकिनी!" आ हंकिनी! आ!" बोला मैं! भम्म स...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

मदिरा ले आई वो! "यहाँ! यहाँ रखो!" बोला मैं, सामने रख दिया मेरे सामान वो! "खल्लज लाओ!" बोला मैं, ले आई खल्लज मेरे सामने, चार खल्लज! अब म...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

अलख में ईंधन झोंका और किया एक महामंत्र का जाप! "साधिके?" बोला मैं, आई वो! "भोग सजाओ! नौ दीप भी प्रज्ज्वलित करो!" मैंने कहा, वो करने लगी सब...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

क्या काट थी इसकी! थी! थी इसकी काट, जिसके कारण मैंने श्रेष्ठ को कई बार समझाया था! लेकिन वो समझ ही नहीं पाया था! मातंग वायव्य कोण वासिनी है! ये नौ मह...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

नौ मूर्तियां! नव-मातंग! अंतिम हथियार उसका! अंतिम पड़ाव का अंतिम चरण आ पहुंचा था! "देख रहा है?" पूछा उसने! मैं हंस पड़ा फिर से! "देख! द...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

खीझ! हार की गंध! पराजय की आहट! जो अब उसे, सुनाई देने लगी थी! लेकिन! वो अभी भी डटा था मैदान में! क्यों न डटता!! आखिर दम्भ में अँधा था! ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

अट्ठहास सा लगाया मैंने! ख़ुशी का अट्ठहास! भागा पीठे, त्रिशूल उठाया, और नाचने लगा! झूमने लगा! अब मद चढ़ा था! विजय का मद! उस श्रेष्ठ को चित...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

तभी एक हुंकार सी गूंजी! कोई था नहीं वहाँ! सहसा ही वाचाल ने संकेत दिया मुझे! आ पहुंची थी महा-विक्रालिका की सहोदरियां वहां! मैं भागा अलख पर! ईं...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

और तभी उसकी अलख चौंध पड़ी! अलख में से सफ़ेद रंग का आग का गोला फूट पड़ा! वो खड़ा हुआ! अट्ठहास किया! और झूम पड़ा! "देख रहा है *** ****?" चीखा वो!...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

थे! टूट के पड़ रहे थे उसके ज़ख्मों पर! और फिर मैं खड़ा हुआ! उस मेढ़े को चीरा और निकाल लिए कुछ अंग अंदर से, इनकी आवश्यकता पड़ती है, ऐसे आह्वान में, इसीलिए ल...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

कोई सामग्री नहीं! मात्र इसका एक रात्रि में चौरासी बार नाम लेना है! और फिर देखिये आप! संसार न बदल जाए तो कहें! तुलजा अत्यंत रौद्र है! अत्यं...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

"अब नहीं बचेगा तू!" चिल्ला के बोला वो! और सामने रखा भोग का थाल, फेंक मारा सामने! "श्रेष्ठ?" बोला मैंने! नहीं सुना! आँखें बंद उसकी! और ह...

1 year ago
Page 124 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top