श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

अब मैंने उसको अपने आप से हटाने की कोशिश की, लेकिन मेरे हाथ मेरे साथ ही धोखा कर रहे थे! मै हटाना चाह रहा था, लेकिन वो सुख मुझे ऐसा करने नहीं दे रहा था,...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

"सोचोगे तो नहीं?" उसने पूछा, "अ..ठीक है, नहीं सोचूंगा!" मैंने कहा, "जो मै मांग रही हूँ वो देना होगा!" उसने मुस्कुरा के कहा, "ठीक है, मांगो" मैंन...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

"आँखें खोलो हाजिरा" मैंने कहा, उसने धीरे धीरे आँखें खोलीं और मेरी आँखों में आँखें डालीं! "अब बताइये, फिर?" उसने धीरे से बोला, "फिर!!! कभी फिर! आ...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

"बेपनाह मुहब्बत" उसने कहा, "मेरी बात मान जाओ फिर!" मैंने कहा, "अच्छा ठीक है, लेकिन मुझे दस्तक देते रहना, बोलिए?" उसने लरजते हुए कहा, "मंजूर! दस्...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

अपने सीने से लगाया और कहा, "मै ये नहीं चाहूँगा कि तुम्हारा बदन किसी और के आगोश में आये" मैंने इतना कहा और वो मुझसे दूर हो गयी! हैरत से! लेकिन आँखों ...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

कराह! एक मीठे दर्द की सी कराह! उसने भी मुझे अपने आगोश में ले लिया! मेरे बदन में जैसे काम-प्रदाह भड़क उठी! लेकिन ऐसा होना मुमकिन नहीं था! एक आदमजात उसे ...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

उसके बाद हाजिरा ने मुझे उस कमरे से भी निकाल एक दूसरे कमरे में ले गयी, ये कमरा बेहद ख़ास था! मोटे मोटे बेल-बूटे बने हुए थे दीवारों पर, सुर्ख लाल रंग के!...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

उसने फ़ौरन अपने हाथ मेरी कमर में डाले और मेरे से चस्पा हो गयी! सच कहता हूँ, मुलाक़ात तो मै कभी महीने में दो महीनों में कर ही लेता हूँ, लेकिन वो मुझ से च...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

अब वो सच में ही शर्मा गयी! मै उसके पास गया थोडा और बोला, "एक जिन्नी! और एक आदमजात से शर्म?" "ऐसा क्यूँ कहा आपने?" उसने थोडा नाराजगी से कहा, "जो सच...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

बदन की खूबसूरती को मैंने उसके पाँव से लेकर सर तक देखा! उसने शर्मा के आँखें नीचे कर लीं! "कितनी खूबसूरत हो तुम!" मैंने कहा! वो चुप रही! बिलकुल चुप!...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

"क्या मै पूछ सकता हूँ कि काजी साहब के यहाँ क्या करने गयी हैं वो?" मैंने पूछा, "जी आपको तो मालूम ही होगा, गाँव छोड़ने से पहले और किसी भी आदमजात को मेह...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

दरबान जिन्न ने झुक कर सजदा किया और फिर रास्ता छोड़ के खड़ा हो गया, मतलब था कि हम अन्दर आ जाएँ! मैंने ताहिर का शुक्रिया अदा किया और उसने भी हंस के जवाब द...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

वो कमरा क्या है पूरा हॉल है! बड़े बड़े सोफे! करीने से रखे गुलदस्ते और बड़े बड़े गुलाब! बेहतरीन परदे और मज़बूत लकड़ी के बड़े बड़े दरवाज़े! छटा पर लटकते झाड-फानू...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

"आप कहाँ से आये हैं?" मैंने पूछा, "मै क़दकाश का रहने वाला हूँ, इंसानी मुल्क कहूँ तो लेबनान से" उसने बताया, "वाह! शुक्रिया!" मैंने कहा, "कभी आइये ...

1 year ago
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RE: वर्ष २००८ दिल्ली के पास धारु-हेड़ा, गुडगाँव (हरियाणा) की एक घटना

"ठीक है फिर! आइये" मैंने कहा, और एक ज्वाल-मंत्र पढ़कर अपने और शर्मा जी को उस से पोषित कर लिया! यहाँ कोई लड़ाई तो थी नहीं इसीलिए और अधिक मंत्र मैंने नहीं...

1 year ago
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