१. किसी भी अमावस की रात या दिन में, पंच-मेवा ले लें, एक देसी पान का पत्ता, ये पंच-मेवा किसी शहतूत या कट्ठे के पेड़ के नीचे रख दें! चार अमावस ऐसा करें, पांचवीं अमावस की रात आप घर में, खीर बना लें, पंच-मेवा डाल दें इसमें, और इस बार, किसी बरगद के पेड़ के नीचे रख दें, एक दीया जला दें, बस! पितृ-दोष से मुक्ति मिलेगी!
२. प्रत्येक शनिवार, पांच श्वानों को, दूध पिलायें, कच्चा, जितना भी सम्भव हो, कोई निश्चित मात्र नहीं है, ऐसा, सात शनिवार करें, दोष-मुक्ति होगी!
३. तीन नदियों का पानी मिला लें आपस में, इसमें तीन तरह का अन्न, जैसे गेंहू, बाजरा, धान आदि मिला लें, अब ये पानी सभी घर के सदस्यों के ऊपर छिड़क दें, शेष पानी, नदी में बहा दें! दोष-मुक्ति हो जायेगी!
४. कालरात्रि की रात, यथासम्भव, वस्त्र दान कर दें! दोष-मुक्ति होगी!
५. नरक-चौदस के दिन, शराब का भोग दें, श्री भैरव नाथ जी को, मंदिर में उनके, दोष-मुक्ति उसी क्षण होगी!
